मुझको ही कुछ कर जाना है

मुझको ही कुछ कर जाना है, कुछ नाम मुझको ही कमाना है, इस दुनिया की भीड़ में मुझको ही एक पहचान बनानी है, एक सपना है मेरा ही जो मुझको ही पूरा करना है, इतना भी आसान नहीं है मुझको यही मालूम है, हिम्मत का दामन थामा है मुझको ही इसे पाना है, धूप छाँव... Continue Reading →

Sending Love from a Distance

THERE IS NO DISTANCE BETWEEN HEARTS THAT LOVESo many miles away, I feel your pain and despair.Your country is suffering and I am suffering with you because you are my friends.I may have never met you physically but I know your heart.I know your stories, I know your desires, I know your struggles, I know... Continue Reading →

कह तो दिया उसे अलविदा

कह तो दिया उसे अलविदापर दिल ने कहा रुक जाने को,ख्वाहिश थी कि मुझे रोक ले वोपर खामोश ही थे तब हम दोनों,उसकी आह ने तोड़ा फिर सन्नाटे को,पर बात अव खुद्दारी की थी,और गुरूर ने हावी होकर;मजबूर किया चले जाने को||

ਇੱਕ ਯਾਦ- ਇੱਕ ਅਹਿਸਾਸ

ਬਹੁਤ ਖੁਸ਼ ਸੀ ਅੱਜ ਦੇ ਦਿਨ ਪਰ ਅੱਜ ਤੋਂ 9 ਸਾਲ ਪਹਿਲਾਂ, ਤੇਰੇ ਲਈ ਮੈਂ ਕੁੱਝ ਲੈ ਕੇ ਆਈ ਸੀ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ, ਪਰ ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਸੀ ਮਾਏ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਓਹ ਆਖ਼ਰੀ ਦਿਨ ਹੋਣਾ ਸੀ, ਹੁਣ ਤੇਰੀ ਧੀ ਕਮਾਉਂਦੀ ਭਾਵੇਂ ਥੋੜਾ ਹੀ, ਪਰ ਬਹੁਤ ਚਾਅ ਹੋਣਾ ਸੀ ਤੈਨੂੰ, ਪਰ ਹੁਣ ਤਾਂ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ, ਤੇ... Continue Reading →

Beti ki maa ko pukar (part-2)

Kar liya rape! Buja di apni Hawas? Ab mil gayi shanti. Mene toh abhi tak Duniyadari dekhi bhi nahi thi, Aur tumne mujhe sidha hewaniyat dekha di. Tumhare jane k baadh mein mar gaye thi, Par waha mere khoon ki Nadiya baha gyi thi. Kher abh kya kahu mein tumse, Abh toh Bhagwan se bhi... Continue Reading →

Poetry: Since The day that I met you ❤️

My world become heaven,My soul starts dancing like butterflies in a garden of scented flowers,I can feel my heart beats,Since the day that I met you… I’m losing myself,I’m losing my world in you,I’m losing my heart,I just lost everything,Since the day that I met you… I’m becoming more mad,I start blushing like moon,I start... Continue Reading →

Shikva aur shikaayatein

Shikaayat mein kahin bharosa tha, shikva mein uske tootne ka darr. Shikaayat dhero labzo ki ek dhaar thi, shikva khamosh lehron ke saamne nakaam hoti ek patvaar thi. Shikaayat samajhdaari ki daal se gire sabr se ghayal thi, shikva waqt ki shaakh pe lipti umeed ki kaayal thi.Shikva aur shikaayatein

हाथ से फिसल गया वक़्त

रेत की तरह, हाथ से फिसल गया वक़्त हम बदले न बदले, पर बदल गया वक़्त गलतियों से अपनी, पाया है तजुर्बा हम संभले, और संभल गया वक़्त जैसे जैसे हम बड़े होते गए धीरे धीरे निकल गया वक़्त यारों संग कुल्हड़ में, ज़िन्दादिल थी चाय बहला गयी दिल, और बहल गया वक़्त कभी मिलाया,... Continue Reading →

कुछ ऐसी मोहब्बत करना चाहता हूँ मैं

जो छुपाई ना जा सके,जो भुलाई ना जा सके कुछ ऐसी मोहब्बत करना चाहता हूँ मैं रोज तेरे कुचे मे बेखौफ़ सा चला आता हूँ मैं ना बेआबरू होने का जिक्र है,ना रुसवाई की फ़िक्र है बस तेरे ख़्वाबों का पासबान बने रहना चाहता हूँ मै, कुछ ऐसी मोहब्बत करना चाहता हूँ मैं । जो... Continue Reading →

Blog at WordPress.com.

Up ↑