एक प्रेरणा- तोड़ना नहीं

सामने हो मंज़िल तो, रास्ते ना मोड़ना।। जो मन में रखे हो ख़्याल अपने, वो कभी ख़्याल ना तोड़ना।। हर क़दम पर मिलेगी सफलता तुम्हें, बस हर एक असफलता के बाद उठ खड़े होने की कभी उम्मीद मत तोड़ना।।

हारा हूं सौ बार

हारा हूं सौ बार, गुनाहों से लडलड़कर, लेकिन बारम्बार लड़ा हूं, मैं उठ-उठ कर। इससे मेरा हर गुनाह भी मुझसे हारा, मैंने अपने जीवन को इस तरह उबारा, डूबा हूं हर रोज़, किनारे तक आ आकर। लेकिन मैं हर रोज़ उगा हूं जैसे दिनकर, इससे मेरी असफलता भी मुझसे हारी, मैने अपनी सुंदरता इस तरह... Continue Reading →

मुझको ही कुछ कर जाना है

मुझको ही कुछ कर जाना है, कुछ नाम मुझको ही कमाना है, इस दुनिया की भीड़ में मुझको ही एक पहचान बनानी है, एक सपना है मेरा ही जो मुझको ही पूरा करना है, इतना भी आसान नहीं है मुझको यही मालूम है, हिम्मत का दामन थामा है मुझको ही इसे पाना है, धूप छाँव... Continue Reading →

ਇੱਕ ਯਾਦ- ਇੱਕ ਅਹਿਸਾਸ

ਬਹੁਤ ਖੁਸ਼ ਸੀ ਅੱਜ ਦੇ ਦਿਨ ਪਰ ਅੱਜ ਤੋਂ 9 ਸਾਲ ਪਹਿਲਾਂ, ਤੇਰੇ ਲਈ ਮੈਂ ਕੁੱਝ ਲੈ ਕੇ ਆਈ ਸੀ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ, ਪਰ ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਸੀ ਮਾਏ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਓਹ ਆਖ਼ਰੀ ਦਿਨ ਹੋਣਾ ਸੀ, ਹੁਣ ਤੇਰੀ ਧੀ ਕਮਾਉਂਦੀ ਭਾਵੇਂ ਥੋੜਾ ਹੀ, ਪਰ ਬਹੁਤ ਚਾਅ ਹੋਣਾ ਸੀ ਤੈਨੂੰ, ਪਰ ਹੁਣ ਤਾਂ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ, ਤੇ... Continue Reading →

Shikva aur shikaayatein

Shikaayat mein kahin bharosa tha, shikva mein uske tootne ka darr. Shikaayat dhero labzo ki ek dhaar thi, shikva khamosh lehron ke saamne nakaam hoti ek patvaar thi. Shikaayat samajhdaari ki daal se gire sabr se ghayal thi, shikva waqt ki shaakh pe lipti umeed ki kaayal thi.Shikva aur shikaayatein

हाथ से फिसल गया वक़्त

रेत की तरह, हाथ से फिसल गया वक़्त हम बदले न बदले, पर बदल गया वक़्त गलतियों से अपनी, पाया है तजुर्बा हम संभले, और संभल गया वक़्त जैसे जैसे हम बड़े होते गए धीरे धीरे निकल गया वक़्त यारों संग कुल्हड़ में, ज़िन्दादिल थी चाय बहला गयी दिल, और बहल गया वक़्त कभी मिलाया,... Continue Reading →

अपने सपने हो गए

एक-एक कर सब अपने अब सपने हो गए कुछ सपने हैं उसमें से कुछ ही अपने हैं जाने पहचाने रिश्ते अनजाने हो गए देखते-देखते क्या से क्या हो गए कुछ पल में बदल गए कुछ तो बस यूं ही बदल गए हम देखते रह गए कि कब हम पराए हो गए कोई पूछे नहीं हाल-चाल... Continue Reading →

इंसान और भगवान

भगवान ने बनाया एक इंसान हैऔर आज वही इंसान बन बैठा भगवान हैमाना कि इंसान ने की बहुत तरक्कीऔर वही तरक्की देखकर भगवान की भी कभी कभी आंखें रह जाती हक्की बक्कीइतनी तरक्की करने के बाद भी अब भी कई लोग करते लड़की और लड़के में फर्कअरे ऐसे लोगो को तो मरने के बाद भी... Continue Reading →

रात्रि का सूर्य

रात्रि का सूर्य, चाँद खिड़कियों से ताक-झांक करता मिठी पवन से सिहर उठता पर्दा उसकी नज़रों का न पर्दा बनता अरसों बाद, खुल के आज खोली हैं प्रकाशमयी नज़रों की बाहें लुका-छिपी कर रहे जुगनू गुच्छों में पीपल की आड़ लिए सारे विद्युतहीन गावों का दीपक जल रहा, दमक रहा इकलौता जल कर, जलन खाक... Continue Reading →

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